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‘शब्दम’ध्वनि, नाद और अर्थ तीनों का सम्मिलित रूप है। इसके व्यापक क्षेत्र के अन्तर्गत विविध साहित्य-संगीत-कला स्वतः ही आ जाते हैं। इसी तथ्य...
‘शब्दम’ध्वनि, नाद और अर्थ तीनों का सम्मिलित रूप है। इसके व्यापक क्षेत्र के अन्तर्गत विविध साहित्य-संगीत-कला स्वतः ही आ जाते हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर माँ शारदे की कृपा से 17 नवम्बर 2004 को इस संस्था (शब्दम्) का गठन शिकोहाबाद (उ.प्र.) में हुआ।

उद्देश्य:

हिन्दी साहित्य की विविध विधाओं जैसे कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, निबन्ध आदि की उच्चस्तरीय रचनाओं और नव लेखन को बढ़ावा देना तथा उपलब्ध साहित्य को जन साधारण के सामने प्रस्तुत करना।
विविध भारतीय ललित कलाओं, संगीत एवम् साहित्य को प्रोत्साहित करना।
देश विदेश में राष्ट्र भाषा हिन्दी के गौरव के लिए प्रयास करना।
हिन्दी को शिक्षण और बोलचाल के क्षेत्र में लोकप्रिय बनाना
हिन्दी को रोज-रोटी प्राप्त करने की भाषा बनाना तथा सब तरह के कारोबार में इसके प्रयोग को बढ़ावा देना।
भारत की एकता लिए के हिन्दी की सेवा करना।
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