Loading...

Dheemi Dheemi

332,313 views

Loading...

Loading...

Loading...

Rating is available when the video has been rented.
This feature is not available right now. Please try again later.
Published on Jan 13, 2008

A brilliant rendition by rahman ..this eg. that even as few as two instrument can make a gr8 song ..ofcorse with gr8 poetry

धीमी धीमी खुशबू हैं तेरा बदन
सुलगे महके पिघले दहके क्यों ना बहके मेरा मन
वो चली हवा के नशा घुला
हैं समा भी जैसे धुँवा धुँवा
तेरा रुप हैं के ये धूप हैं
खुले बाल हैं के हैं बदलियाँ
तू जो पास हैं मुझे प्यास हैं
तेरे जिस्म का एहसास हैं

सांस भी जैसे रुक सी जाती हैं
तू जो पास आये तो आँच आती हैं
दिल की धडकन भी मेरे सीने में लडखडाती हैं
ये तेरा तन बदन कैसी हैं ये अगन
थंडक हैं जिस्म तू वो आग हैं
बलखाती हैं जो तू लहराती हैं जो तू
लगता हैं ये बदन एक राग हैं

Loading...

Advertisement
When autoplay is enabled, a suggested video will automatically play next.

Up next


to add this to Watch Later

Add to

Loading playlists...