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Part -2, Guru Rajkumar Goswami Akhada, Practice Session -गुरु राजकुमार गोस्वामी।

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Published on Jun 28, 2012

Guru Rajkumar Goswami Akhada, Gokalpuri, Delhi
guru Rajkumar Goswami Akhada, Gokalpuri, Delhi, near Loni Border
Sunday, 24th June, 2018, Guru ji takes his last breadth
नहीं रहे कुश्ती के महान गुरु राजकुमार गोस्वामी।
दुखद मन से आप सभी को यह सूचना दे रहा हूँ। कुश्ती जगत को आज एक बहुत बड़ी क्षति हुई हैं। कुश्ती ने एक महान हस्ती को खो दिया हैं। गुरु राजकुमार गोस्वामी जी आज हमारे बीच नहीं रहे। शाम लगभग चार बजे करीब गुरु जी ने अपनी अंतिम सांस ली। जो पाठक नए हैं , उन्हें बता दूँ गुरु राजकुमार गोस्वामी दिल्ली के उन महान गुरुओं में शुमार थे , जिन्होंने कुश्ती के कठिन समय, और विषम परिस्थितियों में भी कुश्ती की अलख जगाये रखी। एक समय था जब दिल्ली देहात में अखाड़े बंद होने के कगार पर पहुँच गए थे , और अधिकांश अखाड़ों में पहलवानो की संख्या नगण्य होने लगी थी , तब भी गुरु जी ने हिम्मत न हारी। उस समय भी गुरु जी के अखाड़े में सौ से भी अधिक पहलवान अभ्यास करते। और देश दुनिया में नाम रोशन करते। क्षेत्रीय दंगलों में तो गुरु जी के शिष्यों की धूम रहती। गुरु जी ने कुश्ती जगत को सैकड़ों नामी गिरामी पहलवान दिए। अपने जीवन के अंतिम दिनों में गुरु जी बीमार रहने लगे , लेकिन कुश्ती के प्रति प्रेम कम न हुआ। वे रोजाना अखाड़े में आकर बच्चों को अभ्यास कराते। आस पास के दंगलों में जरूर आते। उनसे आशीर्वाद लेने नए पुराने पहलवानो की भीड़ उमड़ती। वे सभी के सर पर पेम से हाथ रखते। उनके लगातार गिरते हुए स्वास्थ्य से सबको बड़ी चिंता होती। गुरु जी से साल के शुरुआत में मुलाकात भी हुई थी , उन्होंने , मेरे और बच्चों का हाल पुछा। पर मेरे से उनका हाल पुछा देखा न गया। बड़ी दुर्बल काया हो गई थी। लेकिन गुरु जी के बच्चे , जिनमे उनका परिवार हो सैकड़ों पहलवान , किसी ने भी उनकी सेवा में कमी न आने दी। मुझे इस बात का बड़ा अफ़सोस रहेगा की सरकार ने गुरु जी सदृश गुरु खलीफाओं की तरफ तनिक भी ध्यान न दिया। लेकिन इससे वे कभी विचलित न हुए , निस्वार्थ , निष्काम कुश्ती की सेवा में लगे रहे। आज गुरु जी हमारे बीच तो नहीं रहे लेकिन , उनके बताये आदर्शों की राह पर चलना , कुश्ती की परम्पराओं का पालन करना ही गुरु जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भगवान् गुरु जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दे। आइये हम सब उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की प्रार्थना करे। हरी ॐ।
Thanks,
Pahalwan ji
( Deepak Ansuia Prasad Bhardwaj)

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