ParasmaniDham Rahua-Sangram
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  • Usha Arghya (उषा अर्घ्य) at ParasmaniDham during Chhath Parv 2017.

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    चौथे दिन कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उदियमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। व्रति वहीं पुनः इकट्ठा होते हैं जहाँ उन्होंने पूर्व संध्या को अर्घ्य दिया था। पुनः पिछले शाम की प्रक्रिया की पुनरावृत्ति होती है। सभी व्रति तथा श्रद्धालु घर वापस आते हैं, व्रति घर वापस आकर गाँव के पीपल के पेड़ जिसको ब्रह्म बाबा कहते हैं वहाँ जाकर पूजा करते हैं। पूजा के पश्चात् व्रति कच्चे दूध का शरबत पीकर तथा थोड़ा प्रसाद खाकर व्रत पूर्ण करते हैं जिसे पारण या परना कहते हैं।

    On the final day of Chhath Puja, the devotees, along with family and friends, go to the riverbank before sunrise, in order to make the offerings (Arghya) to the rising sun. The festival ends with the breaking of the fast by the Vratins(who performs vratta). Friends, and relatives visit the houses of the devotees to receive the Prashad.
    http://www.parasmanidham.com.
    **Source:- Wikipedia Show less
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