645,865
  • 6 गेंद में जीत के लिए 18 रन और 1 विकेट, देखिए सांसो को रोक देने वाले इस मैच के बारे में

    4,038,054 views 10 months ago
    https://www.facebook.com/IN... गेंद में जीत के लिए 18 रन और 1 विकेट, देखिए सांसो को रोक देने वाले इस मैच के बारे मेंक्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमे आखिरी गेंद तक ये कहना मुश्किल होता है कि कौन सी टीम जीतेगी। अगर मैच के जीत-हार का फैसला आखिरी गेंद पर होता है तो वो सबसे बेहतरीन मैच माना जाता है। कई बार इन परिस्थितियों में मैच टाई भी हो जाता है। एक टीम जो मैच हार रही होती है वो जबर्दस्त वापसी कर के मैच को टाई करा लेती है तो इसे भी उसकी जीत हीं माना जा सकता है। ऐसा हीं सांसों को रोक देने वाला एक मैच हुआ था भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड में।

    भारत की टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी जहाँ 5 मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भारत को 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था। जो एक मैच भारत नही हारा था वो सीरिज का तीसरा मैच था जो टाई हो गया था। 25 जनवरी 2014 को खेले गए सीरिज के तीसरे मैच में भारत ने टॉस जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। जेसी रायडर को भुवनेश्वर ने 20 के स्कोर पर चलता कर न्यूजीलैंड का स्कोर 36 पर 1 विकेट कर दिया।

    उसके बाद मार्टिन गप्तिल ने 111 रन (129 गेंद, 12 चौका, 2 छक्का) और केन विलियमसन ने 65 रन (74 गेंद, 4 चौका, 1 छक्का) बनाकर मैच को संभाल लिया। दोनों के बीच 171 गेंदों में 153 रनों की साझेदारी हुई जिससे कीवी टीम मजबूत स्थिति में पहुँच गई। हालांकि उसके बाद उनके विकेट लगातार गिरते रहे लेकिन रन बनाने की गति कम नही हुई। 50वें ओवर की आखिरी गेंद पर न्यूजीलैंड का 10वां विकेट गिरा लेकिन तब तक वे 314 रन बना चुके थे। इस तरह भारत को जीत के लिए 315 रनों का लक्ष्य मिला।


    बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शिखर धवन और रोहित शर्मा ने 64 रनों की शुरूआत दी लेकिन उसके बाद अचानक भारतीय पारी ढह गई और 15 रनों में 4 विकेट गवां दिया। भारत का स्कोर 17.4 ओवर में 79 रन पर 4 विकेट हो चुका था। ऐसे में भारत के संकटमोचक कप्तान धोनी क्रीज पर आए और रैना 31 रन (39 गेंद, 3 चौका) के साथ 60 गेंदों में 67 रनों की साझेदारी की। रैना के आउट होने के बाद आए अश्विन ने भी कप्तान का साथ निभाया लेकिन इस बार धोनी 50 रन (60 गेंद, 2 चौका, 3 छक्का) बना कर आउट हो गए।


    अश्विन ने आक्रामक 65 रन (46 रन, 8 चौका, 1 छक्का) बनाया और जडेजा के साथ 7वें विकेट के लिए 55 गेंदों पर 85 रन जोड़ दिए। अश्विन के आउट होने के बाद भारत ने 17 रनों पर 2 विकेट खो दिए और अब भारत का स्कोर 9 विकेट पर 286 रन हो गया था। भारत को जीतने के लिए 13 गेंदों में 29 रनों की जरूरत थी और सिर्फ 1 विकेट हाथ में था। क्रीज पर रविन्द्र जडेजा और वरूण आरोन थे। 49वें ओवर में जडेजा ने एक छक्का सहित 11 रन बनाए हालांकि उन्हे ओवर की तीसरी गेंद पर एक जीवनदान भी मिला।

    अब आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे और हाथ में सिर्फ एक विकेट था। कोरी एंडरसन गेंद डाल रहे थे और जडेजा स्ट्राइक पर थे। उन्होने 50वें ओवर की पहली हीं गेंद पर चौका जड़ा उसके बाद अगली गेंद वाइड रही। अब एंडरसन ने अगले दो गेंदों पर एक भी रन नही दिया लेकिन ओवर की चौथी गेंद पर फिर से वाइड दे दिया। अब भारत को जीत के लिए आखिरी 3 गेंदों में 12 रनों की जरूरत थी। ओवर की चौथी गेंद पर जडेजा ने चौका जड़ा और फिर पाँचवी गेंद को छक्के के लिए भेज दिया। भारत को जीत के लिए 1 गेंद में 2 रनों की जरूरत थी। आखिरी गेंद पर जडेजा ने शॉट खेलना चाहा लेकिन गेंद बल्ले पर ठीक से नही आयी फिर भी जडेजा ने एक रन लेकर मैच को टाई करा दिया।

    आखिरी गेंद तक चले इस रोमांचकारी मैच को टाई कराकर भारत ने सीरिज में अपनी उम्मीद कायम रखी थी लेकिन बाद में बचे हुए दोनो मैच हार कर भारत ने यह सीरिज गंवा दिया। जडेजा को उनके नाबाद 66 रन (45 गेंद, 5 चौका, 4 छक्का) के लिए प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। Show less
    Read more
  • Popular uploads Play all

    This item has been hidden
to add this to Watch Later

Add to

Loading playlists...