नुस्खे
फोड़ा-फुंसी
यदि फोड़ा उठ रहा हो तो उस स्थान पर ताजा पालक की बनी पुल्टिस गरम-गरम बांधने से लाभ होता मिलता है। फोड़ा-फुंसी पक जाने पर भी पालक एवं नीम के पत्ते पीसकर फोड़े पर लगाने से लाभ मिलता है। इससे खराब खून एवं मवाद निकलकर ठीक हो जाता है।
फोड़े-फुंसी से पीली-पीली निकलने वाली मवाद रिसकर नई फुंसियाँ पैदा कर देता है। ऐसी अवस्था में फुं सियों को हलके गरम पानी में डिटॉल या पोटाश डालकर, यह उपलब्ध न हो तो लहसुन के काढ़े से धोकर साफ कर लें। फिर सरसों तेल में कपूर अथवा कोई भी घाव ठीक करन वाला पाउडर मिलाकर मरहम जैसा बना लें। अब इस मरहम को प्रतिदिन दो-तीन बार लगाया करें। इसके नियमित प्रयोग से फोडें-फुंसियों से छुटकारा मिल जाता है।
यदि ऑंखों की पलकों या उनके किनारे फुंसी हो जाती है। इससे बड़ी पीड़ा होती है। इस पर लौंग घिसकर लगाने से फुंसी बैठ जाती है और सूजन भी कम हो जाती है। परंतु लगाते समय सावधानी बरतें। लौंग ऑंख में न लगने पाए। हो सके तो माचिस की तीली से लगाएँ।
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