police nabbed a dead man walking and claimed to cracked a fake death case in which five innocent persons were sentenced life imprisonment for murdering a village youth.२० साल की कैद काटकर 'कातिल' जेल से बाहर आ गये और अब पता चला है कि 'वो' तो जिंदा है, जिसके क़त्ल के जुर्म में उन्होंने उम्र कैद काटी थी.. पुलिस इस 'इतेहसिक नालाइकी' का खुलासा कर अपनी पीठ थपथपा रही है...
1996 में बरनाला के जिलाह बरनाला के गाँव टल्लेवाल में सम्पति के विवाद में आपसी झगडा हुआ, झगडे के बाद सुखदेव सिंह ने अपने बेटे जगसीर सिंह के लापता होने की ख़बर पोलिस को दी और कुछ दिन पोलिस को एक लाश मिली जगसीर के परिवार ने शिनाख्त की कि ये लाश जगसीर सिंह की है.. , जिसका दोष उसने उसी गावं के रहने वाले नछतर सिंह,सीरा सिंह,सुरजीत सिंह, निक्का सिंह और अमरजीत सिंह पर लगाया और इन 5 लोगों को अदालत ने सन् 1998 में जगसीर सिंह के कतल का दोषी करार कर दिया गया और अदालत ने इन पाँच लोगों को 20 वर्ष कैद की सज़ा सुना दी, इनमें से 4 लोग अपनी सज़ा काट कर वापिस आ चुके हैं और एक की मौत जेल में ही हो गई थी...
देश में उम्र कैद काट कर तो हजारो मुजरिम जेल से बाहर आते है.. लेकिन इन लोगो ने एक अनोखी सज़ा काटी है.. सज़ा काटी इसे जुर्म कि जो इन्होने किया ही नही.. जगसीर जिन्दा था और उसके कातिल जेल में सड़ते रहे.. देखी पंजाब पुलिस की कारगुजारी ...
दरअसल इस त्रासदी का सच तब सामने आया जब किसी ने जगराओं पोलिस को गुप्त सूचना दी कि जगसीर सिंह पुत्तर सुखदेव सिंह अपना नाम बदलकर बलदेव सिंह पुत्तर प्रेम सिंह के नाम से जाली दस्तावेज़ बना कर जिला भगत सिंह नगर के एक गावं रत्तेवाल में रह रहा है, जिसमे बरनाला शहर के इलाके के रहने वाले एक वयक्ति ने आपने घरवालों के साथ मिल कर अपने आपको ही कत्ल हुआ साबित कर पाँच बेगुनाहों को उमर कैद की सजा दिलवा दी.. पकड़े जाने पर जिंदा 'मुर्दे' ने जुर्म कबूल कर लिया.. उसने इस सब का घडा अपने परिज़नों पर फोड़ दिया के उन्होंने मुझे एसा करने को मजबूर किया...
गलती तो पंजाब पुलिस की है जिस के कारण ५ बेकसूरों की जिंदगी ही बर्बाद नही हुयी पाँच परिवार उजाड़ गये...is really the system here is blind?!!!!!!!!!
where is sansani? fittah munh
muzammallive 7 months ago
fuck india justice - india me sach ko hi fansi milti hai - fuck indian police
happy2237 1 year ago