Singer: Qurat-ul-Ain Baloch
Lyrics: Naseer Turabi
Composer: Waqar Ali
Lyrics:
अदावतें थी..तगाफुल था...
रंजिशें थी मगर...
अदावतें थी..तगाफुल था...
रंजिशें थी मगर...
बिछड़ने वाले मैं सब कुछ था बेवफाई न थी...
बिछड़ने वाले मैं सब कुछ था बेवफाई न थी...
के धुप-छाँव का...
के धुप-छाँव का आलम रहा जुदाई न थी...
वो हमसफ़र था...वो हमसफ़र था...
तर्क-ए-तालुकात पे...रोया न तू न मैं...
लेकिन ये क्या के चैन से...सोया तू न मैं..
वो हमसफ़र था..वो हमसफ़र था..
वो हमसफ़र था मगर उस से हमनवाई न थी...
वो हमसफ़र था मगर उस से हमनवाई न थी...
के धुप-छाँव का...
के धुप-छाँव का आलम रहा जुदाई न थी...
वो हमसफ़र था...वो हमसफ़र था...
-Naseer Turabi
AweSome..
gangztakhan 4 months ago