वो देवी है, मां है, बहन है, बेटी है, बहु है। न जाने कितने अटूट रिश्तों की माला है वो। फिर क्या होता है कि एक दिन वो सारा प्यार, सारा सम्मान पैसों की भूख में बदलकर रह जाते हैं। क्या होता है जब एक बेटी अपने लाचार पिता के सामने दम तोड़ देती है। या फिर वो बेटी अपने जिगर के टुकड़े को इस दुनिया में अकेला छोड़ जाती है। या फिर वो बेटी जली हुई हालत में अपने दुख और परेशानी बयां करती है।
जिंदगी लाइव में इस बार हम बात करेंगे बेटियों की जिनका गुनाह सिर्फ एक ही था कि वो लड़की थीं। इसलिए उनके माता-पिता को जुटाना था दहेज। उन्होंने वो भी जुटाया। लेकिन फिर भी जब सुसरवालों की पैसों की भूख नहीं मिटी तो उसी जननी को मारा गया, पीटा गया, जिंदा जला दिया गया।
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