उपाय
सफलता प्राप्ति हेतु
यदि जीवन में सम्पूर्ण मेहनत के बाद भी जीवन की दिशा समझ में नहीं आ रही है तो पाशुपत स्तोत्र का अमोघ प्रयोग अपने जीवन में करना चाहिए। लगातार 21 दिन सुबह व शाम घर में महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करके प्रतिदिन 21-21 पाठ करने से जीवन की अनेकानेक समस्याओं का समाधान हो जाता है। साथ ही इस मंत्र से 51 आहुतियां काले तिल से हवन करें तो और अधिक सफलता प्राप्त होगी।
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नुस्खे
अपच व अजीर्ण
अपच व अजीर्ण पीड़ित व्यक्ति को अदरक का रस शहद में मिलाकर चटाने से लाभ मिलता है। ऐसे लोगों को खाना खाना हो तो उन्हें पहले अदरक और नींबू के एक चम्मच रस में सेंधा नमक मिलाकर पी लेना चाहिए। भोजन के बाद भी वे यदि एक चम्मच अदरक का रस पी लें तो अ%छा रहता है। अपच के कारण सीने या पेट मे जलन महसूस हो तो गन्ने के रस में अदरक की एक छोटी गांठ का रस भी मिलाकर पियें। इससे अजीर्ण व अपच की शिकायतें दूर हो जाती हैं।
अजीर्ण के रोगियों को बेल की सूखी कचरियाँ पानी में पीसकर मिसरी मिला के रोज पीनी चाहिये। सर्दी के दिनों में मिसरी की जगह शहद का प्रयोग करें।
अपच की शिकायत दूर करने व भूख जगाने के लिए पीपल के फलों का सेवन करना लाभप्रद रहता है। यदि पीपल के फलों के चूर्ण मे अगर गुड़ मिलाकर गोलियाँ बना ली जाये तो वे और अधिक पाचक हो जाती हैं। एक-दो गोली ताजा पानी के साथ कभी भी ली जा सकती हैं।
बदहजमी रहने की पुरानी शिकायत दूर करने में यह नुस्खा काफी लाभप्रद रहता है। पपीते के कगो फल में चीरा देकर निकाले गये दूधिया रस का चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ प्रत्येक बार भोजन करने के बाद सेवन करते रहने से मेदे की गैस अधिक परिणाम में बनती है, फलत: मेदे के विकार दूर होकर बदहजमी नष्ट हो जाती है। इस प्रयोग से आंतों की सूजन भी दूर हो जाती है।
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