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Uploaded by RamDhoot on Jan 8, 2010
Ram Bhajan by Jagit singh
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its really very nice i can not tell how much i am impressed
rhanumantsingh 10 months ago
siyavar ramchandra ji ki jay.....nicely sung......
purnachandrapatnaik 10 months ago
भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता . माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता .. करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता . सो मम हित लागी जन अनुरागी भयौ प्रकट श्रीकंता .. ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै . मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै ..
TheSiddhartharya91 11 months ago
उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै .
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ..
माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा .
कीजे सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा ..
सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा .
यह चरित जे गावहि हरिपद पावहि ते न परहिं भवकूपा ..
बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार .
JAI SHREE RAM
xizvw 1 year ago
Really nice.......:) Jai shri Ram...:)
jamesbillu 1 year ago
Happy Ramnavami!
hereaminow 1 year ago
Thanks :) Its always nice listen to this bhajan :)
titikshas 1 year ago
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its really very nice i can not tell how much i am impressed
rhanumantsingh 10 months ago
siyavar ramchandra ji ki jay.....nicely sung......
purnachandrapatnaik 10 months ago
भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता . माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता .. करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता . सो मम हित लागी जन अनुरागी भयौ प्रकट श्रीकंता .. ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै . मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै ..
TheSiddhartharya91 11 months ago
उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै .
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ..
माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा .
कीजे सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा ..
सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा .
यह चरित जे गावहि हरिपद पावहि ते न परहिं भवकूपा ..
बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार .
TheSiddhartharya91 11 months ago
JAI SHREE RAM
xizvw 1 year ago
Really nice.......:) Jai shri Ram...:)
jamesbillu 1 year ago
Happy Ramnavami!
hereaminow 1 year ago
Thanks :) Its always nice listen to this bhajan :)
titikshas 1 year ago