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Apr 5, 2008
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हमारे माइ श्यामाजू को राज.
जा के आधीन सादा हि सावरो या व्रज को सरताज.
हमारे माइ श्यामाजू को राज.
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जा के आधीन सादा हि सावरो या व्रज को सरताज.
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कृपा एक लालन ही की चहिये |
अपनो दोष विचार सखीरी, उनसो कछु नव कहिये || जो ... more |
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जाहि - अनादि - अनंत - अखण्ड - अभेद - अछेद सू वेद बतावें.
नारद से शुख व्यास रटे, पाछे हारे तोऊ पार ना पावे.
ताहि अहीर की अछोहरिया छछिया भर छाच पे नाच नचावे...
- श्री रस खान जी
http://pushtidarshan.com/downl
Highly recommend it.
सब गोकुल के प्राण जीवन धन, बैरिन के उरसाल॥२॥
सूर कितो जिय सुख पावत हैं, निरखत श्याम तमाल।
रज आरज लागो मेरी अंखियन, रोग दोष जंजाल॥३।
अपनो दोष विचार सखीरी, उनसो कछु नव कहिये ||
जो नंदनंदन करे सो आछो, अपने शिर सब सहिये ||
सूर श्याम सो कछु नव कहिये, जो राखे सो रहिये ||
श्रीदामा आदि सखा श्याम के श्यामा संग ललितादि अली । व्रजपुर वास शैल वन फिहरत कुंजन कुंजन रंगरली ॥२॥
इनके लाड चाहु सुख सेवा भाव वेल रस फलन फली । कहि भगवान हित रामराय प्रभु सबन तें इनकी कृपा भली ॥३॥
❀✿✿❀ हमारे माइ श्यामाजू को राज❀✿✿❀
जा के आधीन सादा हि सावरो या व्रज को सरताज
❀✿✿❀ हमारे माइ श्यामाजू को राज❀✿✿❀
तुम्हरौ कहा चोरि हम लैहैं, लेखन चलौ संग मिलि जोरी
- Says Radha: But I hear that some son of Nanda is in the habit of stealing butter and curds. 'Krishna said, 'But where have I stolen and taken anything from you ?, Come, let's play together
- Surdasji
पर्दा ललित तिबारि कन्चन थार जब आनि. नन्द दास - प्रभु भोजन घर मे, ऊर्पर कर धरियो, सेइन दयी तब ऊत ते मुस्कायी.
- श्री नन्द दासजी
दूध पिओ मन मोहन प्यारे,
बल बल जाऊ गाहारु जिन किजे कमल नयन
नयनन के तारे (१)
कनक कटोरा भर पीजे सुख दीजे सन्ग लेहो
बल्भद्र भैयारे,
पर्मानन्द मोहि गोधनकिसोन उथत हि परात
करु धैयारे (२)
- श्री पर्मानन्द दास