maktal b hamara gehwara zindaa'n b hamara maskan hai,
hum raah -e- wafa mein sur rakh dein yeh saray jahan per roshan hai.
SYEDI KIRDAR JAMIAT,MUSTAFWI AFKAR JAMIAT, TARIQ KI YALGHAR JAMIAT , TIPU KI TALWAR JAMIAT , BEHTAY LAHHU KI DHAR JAMIAT ,BEY BAK O JEE DAR JAMIAT, BARSAR-E PEYKAAR JAMIAT , SHAJAR-E SAYA DAAR JAMIAT, GULSHAN ME BAHAR JAMIAT, PHOOLON KI MEHKAAR JAMIAT, KALYION KI JHANKAR JAMIAT , QURBANI EISAAR JAMIAT ,JIEY HAZARO SAL "JAMMIAT"
mashallah really nyccccccccc
sirfcharlies 1 month ago
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maktal b hamara gehwara zindaa'n b hamara maskan hai,
hum raah -e- wafa mein sur rakh dein yeh saray jahan per roshan hai.
SYEDI KIRDAR JAMIAT,MUSTAFWI AFKAR JAMIAT, TARIQ KI YALGHAR JAMIAT , TIPU KI TALWAR JAMIAT , BEHTAY LAHHU KI DHAR JAMIAT ,BEY BAK O JEE DAR JAMIAT, BARSAR-E PEYKAAR JAMIAT , SHAJAR-E SAYA DAAR JAMIAT, GULSHAN ME BAHAR JAMIAT, PHOOLON KI MEHKAAR JAMIAT, KALYION KI JHANKAR JAMIAT , QURBANI EISAAR JAMIAT ,JIEY HAZARO SAL "JAMMIAT"
may ALLAH BLESS JAMMIAT..JAMMIAT MERI JAAN
vickyshah086 8 months ago
@foreverpakiful inshallah
INTEZAR01 10 months ago
really nice tarana!! Good job Jamiat.. Keep doing the good work.!. Amal bil maaroof wanahiya unil munkar..!
foreverpakiful 10 months ago
KHUDA KI REHMATAIN HON AAP PAR SO BAR MODUDI.
fitratahmed 11 months ago
JIYE MAUDOODI.....
MAUDOODI ZINDAABAD!!!!
escobar8899 1 year ago
long live JAMIAT............ Meri jaan JAMIAT zinda hay..... janan JAMIAT zinda hay
csemalakand 1 year ago
long live JAMIAT,ham fakher hy k HAM AIK ZINDA QOUM HAIN
coolminded1000 1 year ago
ALLAH KE SHARO MUHAMMAD KE GHULLAMO ISLAMI BUNIYAD PARASTY PER FAHKAR KERNE WALO KA QAFLA * ISLAMI JAMIAT TULBA*
friendvirgo76 1 year ago
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
फ़ूल बिल्डिंग मॆं मिले कुछ गुलशनॆ वहदत कॆ फ़ूल,
जिनकी रग रग मॆं बसी थी ख़ुशबू ए हुब्बॆ रसूल,
तय हुआ महकाएंगॆ अर्ज़ॆ वतन कॆ अर्ज़ॊ तूल,
नज़रिया ज़रख़ॆज़ था गुलशन हुआ है गुलफ़िशां,
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
फ़िक़्र सैय्यद कॆ कॆ चरागॊं नॆ किया पैदा निखार,
अंजुमन दर अंजुमन सजनॆ लगी बज़्मॆं बहार,
मुस्कुराईं कॊंपलॆ फूंटॆ शगूफ़ॆ शानदार,
लब पे बुलबुल कॆ तरानॆ परफ़िशां हैं तितलियां,
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
@INTEZAR01 wouldn't it be better to use urdu or english?! =)
foreverpakiful 10 months ago
दीन कॆ इदराक़ सॆ रौशन सवॆरा हॊ गया,
गॊशा ऎ दिल मॆं उजालॊं का बशॆरा हॊ गया,
नस्लॆं नौ कॆ ज़ॆहन सॆ रुख़्सत अंधॆरा हॊ गया,
बारिश ए अनवार ए हक़ सॆ धुल गए वहमों गुमां,
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,
रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
उस्वा ए हस्ना पे है तामीर ऎ सीरत मुश्तक़िल।
कशमकश जिद्दॊजिहद पे दास्तां है मुश्तमिल,
रौशनी की पे शक़दमी ज़ुल्मतॆं है मुश्तईल,
अहलॆ शब कॊ तिलमिलाए जगमगाती कहकशां।
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,
रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
हर महाज़ॆ ज़िन्दगी पे हर बुराई कॆ ख़िलाफ़,
कुफ़्र व बातिल कॆ फ़रॆबॆ पारशाई कॆ ख़िलाफ़,
लड़ रहॆ हैं नफ़रतॊं की हर लड़ाई कॆ ख़िलाफ़,
यॆ मुहब्बत कॆ सिपाही यॆ वफ़ा कॆ पासबां।
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,
रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
हर इलाक़ाई लिसानी अस्बियत सॆ दूर दूर
फ़हमॆ क़ुरआं सॆ दिलॊं पे है ऊख़ुवत का शऊर,
फ़िरक़ावारियत कॆ बुतख़ानॆ कियॆ हैं चकनाचूर,
कूबकू गूंजी हूई हक़ कॊ सदाक़त की अज़ां।
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,
रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
ये उक़ाबों का नशॆमन ये है शेरों की कछार,
थपथपाए पुश्त दस्तॆ क़ूवतॆ परवरदिगार,
यॆ शहीदॊं की अमानत यॆ है फ़ख़्रॆ कारज़ार।
वारिसे बद्रॊ उहद हैं अल बद्र है दास्तां।
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,
रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
एक तहरीके इमामत जोश जज़्बा वलवला,
होश बॆदारी तड़प है दीने हक़ का गलगला,
राह मॆं आया अगर दारॊ रसन का मरहला,
पाएगा साबित क़दम अफ़ज़ाल हक़ कॊ इम्तिहां।
कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,
रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥
INTEZAR01 1 year ago
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INTEZAR01 1 year ago
nice video trna nd voice ...
zinda hy jamiat inda hy
thesaadmaqsood 1 year ago
visit my channel
RightseXclusive 1 year ago
MASHALLAH!
4405169 1 year ago
Comment removed
4405169 1 year ago