Added: 1 year ago
From: kafanposh
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All Comments (23)

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  • mashallah really nyccccccccc

  • @foreverpakiful inshallah

  • really nice tarana!! Good job Jamiat.. Keep doing the good work.!. Amal bil maaroof wanahiya unil munkar..!

  • KHUDA KI REHMATAIN HON AAP PAR SO BAR MODUDI.

  • JIYE MAUDOODI.....

    MAUDOODI ZINDAABAD!!!!

  • long live JAMIAT............ Meri jaan JAMIAT zinda hay..... janan JAMIAT zinda hay

  • long live JAMIAT,ham fakher hy k HAM AIK ZINDA QOUM HAIN

  • ALLAH KE SHARO MUHAMMAD KE GHULLAMO ISLAMI BUNIYAD PARASTY PER FAHKAR KERNE WALO KA QAFLA * ISLAMI JAMIAT TULBA*

  • कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

    फ़ूल बिल्डिंग मॆं मिले कुछ गुलशनॆ वहदत कॆ फ़ूल,

    जिनकी रग रग मॆं बसी थी ख़ुशबू ए हुब्बॆ रसूल,

    तय हुआ महकाएंगॆ अर्ज़ॆ वतन कॆ अर्ज़ॊ तूल,

    नज़रिया ज़रख़ॆज़ था गुलशन हुआ है गुलफ़िशां,

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • फ़िक़्र सैय्यद कॆ कॆ चरागॊं नॆ किया पैदा निखार,

    अंजुमन दर अंजुमन सजनॆ लगी बज़्मॆं बहार,

    मुस्कुराईं कॊंपलॆ फूंटॆ शगूफ़ॆ शानदार,

    लब पे बुलबुल कॆ तरानॆ परफ़िशां हैं तितलियां,

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • @INTEZAR01 wouldn't it be better to use urdu or english?! =)

  • दीन कॆ इदराक़ सॆ रौशन सवॆरा हॊ गया,

    गॊशा ऎ दिल मॆं उजालॊं का बशॆरा हॊ गया,

    नस्लॆं नौ कॆ ज़ॆहन सॆ रुख़्सत अंधॆरा हॊ गया,

    बारिश ए अनवार ए हक़ सॆ धुल गए वहमों गुमां,

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,

    रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • उस्वा ए हस्ना पे है तामीर ऎ सीरत मुश्तक़िल।

    कशमकश जिद्दॊजिहद पे दास्तां है मुश्तमिल,

    रौशनी की पे शक़दमी ज़ुल्मतॆं है मुश्तईल,

    अहलॆ शब कॊ तिलमिलाए जगमगाती कहकशां।

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,

    रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • हर महाज़ॆ ज़िन्दगी पे हर बुराई कॆ ख़िलाफ़,

    कुफ़्र व बातिल कॆ फ़रॆबॆ पारशाई कॆ ख़िलाफ़,

    लड़ रहॆ हैं नफ़रतॊं की हर लड़ाई कॆ ख़िलाफ़,

    यॆ मुहब्बत कॆ सिपाही यॆ वफ़ा कॆ पासबां।

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,

    रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • हर इलाक़ाई लिसानी अस्बियत सॆ दूर दूर

    फ़हमॆ क़ुरआं सॆ दिलॊं पे है ऊख़ुवत का शऊर,

    फ़िरक़ावारियत कॆ बुतख़ानॆ कियॆ हैं चकनाचूर,

    कूबकू गूंजी हूई हक़ कॊ सदाक़त की अज़ां।

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,

    रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • ये उक़ाबों का नशॆमन ये है शेरों की कछार,

    थपथपाए पुश्त दस्तॆ क़ूवतॆ परवरदिगार,

    यॆ शहीदॊं की अमानत यॆ है फ़ख़्रॆ कारज़ार।

    वारिसे बद्रॊ उहद हैं अल बद्र है दास्तां।

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,

    रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • एक तहरीके इमामत जोश जज़्बा वलवला,

    होश बॆदारी तड़प है दीने हक़ का गलगला,

    राह मॆं आया अगर दारॊ रसन का मरहला,

    पाएगा साबित क़दम अफ़ज़ाल हक़ कॊ इम्तिहां।

    कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां, कारवाने जमीयत मंज़िल ब मंज़िल है रवां,

    रश्क़ करती है अज़ीमत पे सफ़र की सख़्तियां॥

  • nice video trna nd voice ...

    zinda hy jamiat inda hy

  • visit my channel

  • MASHALLAH!

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