माँड गायिका रूखमों के बगैर थार सूना पड़ गया है... उनके बिना थार के संगीत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। लंबे समय से अस्वस्थ चल रही रूखमों 21 जुलाई 2011 को हमेशा के लिए हमसे रूखसत हो गई। भौतिक रूप से भले ही आज वे हमारे साथ न हो लेकिन अपनी अनुपम गायकी की बदौलत वे हमेशा जीवित रहेंगी, थार के कण-कण में, हम सबकी स्मृतियों में...पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), कवास, बायतु, जिला - बाड़मेर, राजस्थान।
माँड गायिका रूखमों के बगैर थार सूना पड़ गया है... उनके बिना थार के संगीत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। लंबे समय से अस्वस्थ चल रही रूखमों 21 जुलाई 2011 को हमेशा के लिए हमसे रूखसत हो गई। भौतिक रूप से भले ही आज वे हमारे साथ न हो लेकिन अपनी अनुपम गायकी की बदौलत वे हमेशा जीवित रहेंगी, थार के कण-कण में, हम सबकी स्मृतियों में...पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), कवास, बायतु, जिला - बाड़मेर, राजस्थान।
माँड गायिका रूखमों के बगैर थार सूना पड़ गया है... उनके बिना थार के संगीत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। लंबे समय से अस्वस्थ चल रही रूखमों 21 जुलाई 2011 को हमेशा के लिए हमसे रूखसत हो गई। भौतिक रूप से भले ही आज वे हमारे साथ न हो लेकिन अपनी अनुपम गायकी की बदौलत वे हमेशा जीवित रहेंगी, थार के कण-कण में, हम सबकी स्मृतियों में...पुखराज जाँगिड़, जयरामढाणी, कवास, बायतु, जिला - बाड़मेर, राजस्थान।
Amazing and full of soul...RIP the legend.
andrew4292 7 months ago
चंदन सिंह भाटी (Chandan Singh Bhati) जी, इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोने-सहेजने के लिए आपका बहुत-बहुत आभाऱ।
- पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), बाड़मेर (Barmer)।
PukhrajJangid 7 months ago
इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोने-सहेजने के लिए चंदन सिंह भाटी (Chandan Singh Bhati) जी आपका बहुत-बहुत आभाऱ।
- पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), बाड़मेर (Barmer)।
PukhrajJangid 7 months ago
चंदन सिंह भाटी (Chandan Singh Bhati) जी, इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोने-सहेजने के लिए आपका बहुत-बहुत आभाऱ।
- पुखराज जाँगिड़(Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), बाड़मेर (Barmer)।
PukhrajJangid 7 months ago
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माँड गायिका रूखमों के बगैर थार सूना पड़ गया है... उनके बिना थार के संगीत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। लंबे समय से अस्वस्थ चल रही रूखमों 21 जुलाई 2011 को हमेशा के लिए हमसे रूखसत हो गई। भौतिक रूप से भले ही आज वे हमारे साथ न हो लेकिन अपनी अनुपम गायकी की बदौलत वे हमेशा जीवित रहेंगी, थार के कण-कण में, हम सबकी स्मृतियों में...पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), कवास, बायतु, जिला - बाड़मेर, राजस्थान।
PukhrajJangid 7 months ago
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माँड गायिका रूखमों के बगैर थार सूना पड़ गया है... उनके बिना थार के संगीत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। लंबे समय से अस्वस्थ चल रही रूखमों 21 जुलाई 2011 को हमेशा के लिए हमसे रूखसत हो गई। भौतिक रूप से भले ही आज वे हमारे साथ न हो लेकिन अपनी अनुपम गायकी की बदौलत वे हमेशा जीवित रहेंगी, थार के कण-कण में, हम सबकी स्मृतियों में...पुखराज जाँगिड़ (Pukhraj Jangid), जयरामढाणी (Jairamdhani), कवास, बायतु, जिला - बाड़मेर, राजस्थान।
PukhrajJangid 7 months ago
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PukhrajJangid 7 months ago
Amazing!!.. Exceptional Woman.. True Bharat Ratna.
vishy222 7 months ago
@vishy222 You are absolutely right Vishy jee.
PukhrajJangid 7 months ago
wow
ravneetkler 7 months ago